तस्वीर

 तस्वीर क्या है? 


तस्वीर आपका जिया एक लम्हा है 

लम्हा तो गुज़र जाता है पर उसकी यादों को 

हम तस्वीर में उतार लेते हैं और जब कभी 

मन करता है तो तसवीरें देखकर उन लम्हों को 

फिर से जी लेते हैं | 


हर तस्वीर की अपनी कहानी होती है 

जो कभी भी नहीं पुरानी होती है 

कुछ तस्वीरों के साथ मीठी यादें जुड़ी होती हैं 

तो कुछ ग़मों के साए बिखेर देती हैं | 


आज जब मैं तसवीरें टटोल रही थी 

ऐसा लगा मानों ज़िन्दगी के पन्ने पलट रही थी | 


तसवीरें देखकर पता चलता है की कैसे 

बचपन में माँ हमें आड़े-तिरछे खड़ा कर और 

रंग-बिरंगे कपड़े पहना कर घंटो हमारी फोटो 

खींचती थी और आज हम भी वही करते हैं 

बस हम फोटो के साथ-साथ बस दो-चार Reels और बना लेते हैं | 


किताब न लाने पर टीचर का क्लास से बाहर खड़े करना 

कॉलेज के बेफिक्रे दिन, हॉस्टल के मस्ती वाले दिन और 

रात में छुप-छुपकर मैगी बनाना 

सब तस्वीरों में नज़र आ जाता है 

और दिल बहला जाता है | 


शादी की तसवीरें तो अपनी अलग ही दास्ताँ बयाँ करती हैं 

जब आँखों में नींद भरे 

हम रहते हैं फोटोग्राफर के इशारे पर खड़े 

और सोचते हैं की क्यों न कोई 

पहाड़ इस मुए पर आ गिर पड़े 

पर सालों बाद वही तसवीरें 

देखकर बड़ा आनंद आता है 

और दिल उन बीते लम्हों को याद कर बाग़-बाग़ 

हो जाता है | 


अपने जब कभी साथ छोड़कर 

सितारों की दुनिया में गुम हो जाते हैं 

तस्वीरों से ही तो उनके एहसास 

हम तक पहुँच पाते हैं | 


यह तो बस चंद उदाहरण हैं 

ज़िन्दगी तो अनगिनत खूबसूरत 

पलों का खज़ाना है 

पल तो गुज़र जाने हैं पर 

तस्वीरों से ही तो ये हमें याद आने हैं 


इसलिए ग़ालिब तस्वीर खिंचाने 

और खींचने में परहेज़ न कर 

क्या पता बाद में यही तसवीरें 

जीने का बहाना बन जाएँ  ||  


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